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Uniform Civil Code: इस राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज, जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।

Uniform Civil Code: समान नागरिक संहिता पूरे देश में उत्तराखंड की पहल पर लागू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भोपाल में दिए गए संबोधन से यह जाहिर हुआ है। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का ड्राफ्ट बनाने के लिए गठित समिति इसे अंतिम रूप देने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि फाइनल ड्राफ्ट प्राप्त होने पर सरकार समान नागरिक संहिता को राज्य में लागू करेगी। इससे स्पष्ट हुआ है कि धामी सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल में केंद्र सरकार भी सहमत है। समान नागरिक संहिता भाजपा के एजेंडे के शीर्ष पर है। 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में प्रदेश भाजपा ने अपने दृष्टिपत्र में इसे महत्वपूर्ण स्थान दिया था।

Uniform Civil Code: एक पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने ड्राफ्ट की तैयारी की है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चुनावी भाषणों में कहा था कि भाजपा की सरकार बनते ही उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उन्होंने इस दिशा में तत्परता दिखाई और समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए न्यायमंडल जज रंजना प्रकाश देसाई (सेनि) की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया। यह समिति आम जनता के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदायों, प्रदेश की विभिन्न जनजातियों और महिलाओं के सुझावों को समीक्षा करके उनकी सहायता कर चुकी है।

Uniform Civil Code: ड्राफ्ट को दिया जा रहा है अंतिम रूप

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि समाज के सभी वर्ग और समुदायों ने समिति के सामने खुले मन से अपनी राय रखते हुए सुझाव दिए हैं। प्रदेश सरकार ने समिति का कार्यकाल दो बार बढ़ाया है। अब कार्यकाल सितंबर तक बढ़ाया गया है। समिति को ढाई लाख से अधिक सुझाव मिल चुके हैं और वह ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे रही है। इसके बाद विधि आयोग और कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह संहिता राज्य में लागू की जाएगी।

Uniform Civil Code: यूसीसी के अंतर्गत क्या होगा शामिल

समान नागरिक संहिता उत्तराखंड में लागू होने से पहले समिति ने भारतीय यूनियन कोड (बीयूसी) और सिविल कोड (सीसी) के तहत आने वाले नागरिक संहिताओं के अंतर्गत क्या-क्या शामिल होगा, इस पर विचार-विमर्श किया है। इससे स्पष्ट हुआ है कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता का लागू होने के बाद वह यूसीसी के अंतर्गत सम्पूर्ण होगी।

Uniform Civil Code: यूसीसी में नागरिक संहिता के तहत क्या-क्या होगा शामिल

यूसीसी में नागरिक संहिता के तहत नागरिकों के मौलिक अधिकारों, संविधानिक मूल्यों, स्वतंत्रता, स्वतंत्रता के बाद अधिकारों, व्यापार और व्यापार के बाद अधिकारों, विवाह, तलाक और वंचित और अस्थायी विवाह के बाद अधिकारों, वारसत, संपत्ति, धर्म, संगठन और मनोविज्ञान के बाद अधिकारों, अनुच्छेद 21 के तहत अल्पसंख्यकों के अधिकारों आदि पर विस्तार से प्रावधान किया जाएगा। इसके अलावा न्यायिक प्रक्रियाओं, अदालतों के प्रबंधन, अदालती संविधान की संशोधन और सुधार के बारे में भी समान नागरिक संहिता में प्रावधान होगा।

इससे पहले राजस्थान में यूसीसी को मंजूरी मिल चुकी है उत्तराखंड के अलावा पहले ही राजस्थान में समान नागरिक संहिता को मंजूरी मिल चुकी है। राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने 2019 में राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का फैसला लिया था। वर्तमान में यह संहिता राजस्थान में लागू हो चुकी है और अब यह उत्तराखंड में भी लागू होगी।

यूसीसी के तहत राष्ट्रीय स्तर पर लागू होने वाली समान नागरिक संहिता का लक्ष्य एकजुटता, संयम और समानता को सुनिश्चित करना है। इससे सभी नागरिकों को उच्चतम स्तर का समान अधिकार और संरक्षण प्राप्त होगा और सामाजिक न्याय की अदालती सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।

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