Biography

द्रौपदी मुर्मू का सम्पूर्ण जीवन परिचय – Draupadi Murmu Biography in Hindi

प्रमुख विवरणविवरण
वास्तविक नामद्रौपदी मुर्मू
जन्म20 जून 1958
जन्म स्थानमयूरभंज, उड़ीसा भारत
उम्र64 साल (2022 तक)
पतिस्वर्गीय (श्याम चरण मुर्मू)
बच्चेबेटा: 2 (दिवंगत), एक बेटी (इतिश्री मुर्मू)
पिताबिरंची नारायण टूडू
धर्महिंदू
शिक्षाकला स्नातक
रूचिलेखन (कविता)
पेशाराजनीतिज्ञ
पार्टीभारतीय जनता पार्टी
वजन74 किलो
लंबाई5 फिट 4 इंच
जातिअनुसूचित जनजाति
संपत्ति10 लाख
भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी1997

द्रौपदी मुर्मू ने भारत की 15वीं राष्ट्रपति के पद को प्राप्त किया है, जब उन्हें एनडीए के साथ-साथ देश के विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से समर्थन मिलने के बाद 21 जुलाई को आयोजित राष्ट्रपति चुनाव में विजय प्राप्त हुई। उनकी इस महत्वपूर्ण जीत के बाद, द्रौपदी मुर्मू ने भारत की दूसरी और पहली ट्राइबल महिला राष्ट्रपति बनने का गर्व अनुभव किया है। द्रौपदी मुर्मू की आयु 64 साल है और वह उड़ीसा के निवासी हैं। उनकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें उड़ीसा में नए राष्ट्रपति के रूप में मुबारकबाद दी और साथ ही पूरे केंद्रीय कैबिनेट मंत्री ने उन्हें उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाइयाँ दी। आइए, हम आपको द्रौपदी मुर्मू के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करते हैं –

द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून, 1958 को भारतीय राज्य उड़ीसा के मयूरभंज इलाके में एक आदिवासी परिवार में हुआ था। द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी समुदाय से जुड़ी हुई है, और उन्हें एनडीए के उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

द्रौपदी मुर्मू जीवन परिचय: Draupadi Murmu Biography in Hindi

द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को उड़ीसा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी नामक छोटे से गांव में हुआ था। उनका जन्म एक साधारण सांथाली हिंदू परिवार में हुआ था। उनके दादा दादी कई सालों तक गांव के प्रधान रहे थे। उन्होंने अपने व्यापारिक जीवन की शुरुआत एक अध्यापिका के रूप में की थी। उन्होंने श्याम चरण मुर्मू से विवाह किया और इससे उन्हें दो बेटे और एक बेटी का जन्म हुआ। मगर दुर्भाग्यवश अचानक उनके दोनों बेटे और पति की अलग-अलग समय पर मृत्यु हो गई। उनकी पुत्री इतिश्री मुर्मू विवाहित है और वर्तमान में उड़ीसा के भुवनेश्वर में रहती है।

उन्होंने अध्यापिका के रूप में कार्य करते समय काफी प्रशंसा प्राप्त की। इसके बाद, 1997 में पंचायत परिषद के चुनाव में विजय प्राप्त करके उन्होंने अपना कदम राजनीति में रखा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सहयोग दिया और बहुत समय तक प्रमुख चेहरा के रूप में कार्य किया। हाल ही में, 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में NDA के तरफ से द्रौपदी मुर्मू को 15वें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया।

द्रौपदी मुर्मू की शिक्षा – Draupadi Murmu Education

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उनके स्थानीय स्कूल में पूरी की। इसके बाद, वे अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए भुवनेश्वर शहर गई। वहाँ, उन्होंने रामा देवी महिला कॉलेज में एडमिशन लिया और वहीं से उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन पूरी की। ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्हें ओडिशा सरकार के बिजली विभाग में जूनियर असिस्टेंट के पद पर नौकरी मिली। उन्होंने 1979 से 1983 तक इस नौकरी की थी। इसके बाद, उन्होंने 1994 में रायरंगपुर में स्थित अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर में शिक्षिका के रूप में काम करना शुरू किया, और वहाँ उन्होंने 1997 तक काम किया।

द्रौपदी मुर्मू का परिवार | Draupadi Murmu Family

द्रौपदी मुर्मू के पिता का नाम बिरंजी नारायण टूडू था, जो उड़ीसा के मयूरभंज जिले में एक सामान्य व्यवसाय चलाते थे। इनका परिवार उड़ीसा के बैदापोसी गांव में निवास करता था। इनके दादा दादी इस गांव के सरपंच रहे हैं थे। 1983 तक, उन्होंने बिजली विभाग में काम किया, और इसके बाद उन्होंने श्याम चरण मुर्मू से विवाह किया, जो उनके बचपन के दोस्त थे। इस संबंध से उन्हें तीन बच्चे पैदा हुए।

उनका परिवार एक खुशमिजाज और मुस्कराते खिलौनों से भरपूर था। 2014 में, दुर्भाग्यवश, उनके परिवार में दो बेटे और उनके पति की अचानक मृत्यु हो गई, जो अलग-अलग समय पर हुई। इसके बाद, उन्होंने अपनी बेटी की शादी की।

द्रौपदी मुर्मू का राजनीतिक जीवन – Draupadi Murmu Political Life

विशेषताविवरण
परिचयमुर्मू ने एक शिक्षक के रूप में करियर की शुरुआत की और फिर उड़ीसा की राजनीति में कदम रखा।
विधायिका अध्यक्षवह भाजपा के टिकट पर मयूरभंज के रायरंगपुर से दो बार (2000 और 2009) विधायिका रहीं।
पार्टी के पदों पर कार्यउन्होंने पार्टी के भीतर कई प्रमुख पदों पर कार्य किया, जैसे कि भगवा पार्टी की एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य।
प्रदेश अध्यक्षउन्होंने 2006 से 2009 तक भाजपा के एसटी मोर्चा की प्रदेश अध्यक्षी भी रहीं।
झारखंड की राज्यपाल2015 से 2021 तक, वह झारखंड की माननीय राज्यपाल रहीं।
पहली आदिवासी राष्ट्रपतिद्रौपदी मुर्मू को भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है और अगर चुनी जाती है तो पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनेंगी।

द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित होना – Draupadi Murmu Declared as a Presidential Candidate

द्रौपदी मुर्मू का उम्मीदवार घोषणा करने के पीछे कई कारण हैं। वर्तमान में उनकी उम्र 64 वर्ष हो चुकी है, जिससे वे राजनीति में अपने विशाल अनुभव के साथ महत्वपूर्ण भूमिकाओं में योग्य हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ कई बड़े और महत्वपूर्ण चुनावों में विजय प्राप्त की है, जिससे उनके नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमता का परिचय है। वे 9 साल तक विधायक रहीं और तीन अलग-अलग क्षेत्रों में मंत्री के रूप में कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त किया है।

इसके अलावा, द्रौपदी मुर्मू ने पिछले 6 सालों से झारखंड के राज्यपाल के रूप में उपाधी पाई हैं, जिससे उन्हें राज्य के प्रशासनिक और सामाजिक मामलों का गहरा ज्ञान है। उन्होंने राजनीतिक करियर के समापन की योजना बनाई है और राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी उनके इस प्रयास का हिस्सा है।

द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय जनता पार्टी के साथ एक लंबे समय से संबंध बनाए रखे हैं और वर्तमान में भाजपा की सरकार चल रही है, जिससे उन्हें इस बड़े और महत्वपूर्ण पद के लिए चुनावी अवसर मिला है। यह एक स्थिर और अनुभवी उम्मीदवार के रूप में उन्हें प्रस्तुत करता है, जो देश के विकास और गरीबी मुक्ति के लिए समर्थ हैं।

इन कारणों से, द्रौपदी मुर्मू को भारतीय जनता पार्टी के द्वारा राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में चुना गया है, ताकि वे अपने सेवा और अनुभव को देश के लिए उपयोग कर सकें।

द्रौपदी मुर्मू की उपलब्धियां | Draupadi Murmur’s Achievements

द्रौपदी मुर्मू ने महिला के रूप में राजनीति के क्षेत्र में बहुत सारी महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की है, जिनमें निम्नलिखित है:

  1. भारत की पहली आदिवासी राज्यपाल: द्रौपदी मुर्मू भारत में पहली आदिवासी महिला राज्यपाल हैं, जिससे उन्होंने आदिवासी समुदाय के प्रति अपने संवाददातृता को प्रकट किया।
  2. झारखंड की पहली महिला राज्यपाल: उन्होंने झारखंड राज्य में पहली महिला राज्यपाल के रूप में कार्य किया, जिससे महिलाओं के प्रति समर्पण और शक्ति को प्रोत्साहित किया।
  3. विधायक और मंत्री: उन्होंने 2000 से 2009 तक उड़ीसा के रायरंगपुर से विधायक के पद का कार्यभार संभाला और 2002 से 2004 तक पशुपालन और मत्स्य डिपार्टमेंट की मंत्री के रूप में कार्य किया।
  4. सामाजिक कार्यकर्ता: उन्होंने उड़ीसा में भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति के मोर्चे को संभालकर समाज के पिछड़े वर्गों के प्रति अपने समर्पण को प्रकट किया।
  5. झारखंड की राज्यपाल: उन्होंने 2015 से 2021 तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया, जिससे उन्होंने राज्य के विकास और सामाजिक क्षेत्र में योगदान किया।
  6. राष्ट्रपति उम्मीदवार: द्रौपदी मुर्मू ने 2022 में भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति चुनाव में भाग लिया, जिससे वे राष्ट्रपति पद के लिए प्रतिष्ठित उम्मीदवार बनीं।

द्रौपदी मुर्मू पुरस्कार और सम्मान – Draupadi Murmur’s Awards

श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को 2007 में सर्वश्रेष्ठ विधायक के रूप में नीलकंठ पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। उनका MLA के रूप में कार्यकाल भी काफी सम्मानपूर्ण रहा है, जिसके कारण उन्हें उड़ीसा की राजनीति में विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है।

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